प्रशांत किशोर ने छात्रों से उनकी पहचान पूछी और कहा, "जरूरत से ज्यादा होशियार बनोगे ना तो कोई काम नहीं आएगा
हाल ही में बिहार में बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थियों और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच एक विवाद सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विवाद तब उभरा जब प्रशांत किशोर ने बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की।
घटना का विवरण:
प्रशांत किशोर, जो बिहार में 'जन सुराज' अभियान के तहत सक्रिय हैं, ने पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों के धरना स्थल पर देर रात पहुंचकर उनसे बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने उन पर आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में किए गए मार्च के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे वे आहत हुए हैं। छात्रों ने प्रशांत किशोर से कहा, "सर, आपको जाना होगा। आपकी वजह से हम लोगों पर लाठियां चटकाई गईं।"
प्रशांत किशोर ने छात्रों से उनकी पहचान पूछी और कहा, "जरूरत से ज्यादा होशियार बनोगे ना तो कोई काम नहीं आएगा।" इस पर छात्रों ने प्रतिक्रिया दी कि वे धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने यह भी कहा, "कंबल मांगे हो हमसे और अभी मेरा ही विरोध कर रहे हो।" छात्रों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने किसी से कंबल नहीं मांगा और वे आत्मनिर्भर हैं।
प्रतिक्रिया और विवाद:
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें प्रशांत किशोर और छात्रों के बीच तीखी बहस देखी जा सकती है। वीडियो में प्रशांत किशोर छात्रों को धमकी भरे लहजे में बात करते नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी आलोचना हो रही है। पूर्व सांसद पप्पू यादव ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए प्रशांत किशोर की भाषा और व्यवहार की निंदा की है।
छात्रों की मांग:
बीपीएससी अभ्यर्थी परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के चलते पुनर्परीक्षा की मांग कर रहे हैं। वे पिछले कई दिनों से पटना में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप या धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
निष्कर्ष:
यह घटना बिहार में शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच के तनाव को उजागर करती है। छात्र अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए संघर्षरत हैं, जबकि राजनीतिक व्यक्तित्वों के साथ उनके टकराव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। आवश्यक है कि सभी पक्ष संयम और समझदारी से काम लें, ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण और न्यायसंगत तरीके से हो सके।
इस घटना से संबंधित वीडियो आप नीचे देख सकते हैं:

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